हैलो, हैलो!
गुड गार्बेज पॉडकास्ट ने 2025 के दूसरे महीने में भी अपनी रफ़्तार बनाए रखी! इस बार, हमारे साथ दो शानदार युवा मेहमान थे, जो अपने काम को लेकर बेहद जुनूनी हैं और पुनर्योजी पैकेजिंग उद्योग के उज्जवल भविष्य की ओर आशा और सकारात्मक ऊर्जा लेकर आए।
अब एक पहेली—मीथेन और आम में क्या समानता है?
उत्तर: मॉली मोर्स!
मॉली मोर्स, मैंगो मैटेरियल्स की सीईओ और सह-संस्थापक, बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक (PHA) में क्रांति ला रही हैं। वह अपशिष्ट बायोगैस से इन प्लास्टिक्स का निर्माण कर रही हैं, जिससे यह पारंपरिक तेल-आधारित प्लास्टिक के मुकाबले किफायती बन रहे हैं।
सिविल इंजीनियरिंग से लेकर बायो-बेस्ड मटेरियल्स में पीएचडी करने तक का उनका सफर बेहद प्रेरणादायक है! इसी सफर ने उन्हें उद्यमिता की दुनिया में प्रवेश दिलाया और पुनर्योजी पैकेजिंग के भविष्य को आकार देने का अवसर दिया। यह एक महिला-नेतृत्व वाली कंपनी है, जहां मॉली ने एलिसन पिएजा और ऐनी शॉयर-गिमेनेज़ के साथ मिलकर अपनी अकादमिक रिसर्च को हकीकत में बदला। अपने पसंदीदा फल के नाम पर बनाई गई मैंगो मैटेरियल्स कंपनी ने मीथेन गैस को बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक पेलेट्स में बदलने का अनोखा तरीका विकसित किया है! इस एपिसोड में सुनिए कि कैसे वे ग्रीन गैस को PHA पेलेट्स में परिवर्तित कर रहे हैं, जिनका उपयोग इंजेक्शन मोल्डिंग, फाइबर और फूड पैकेजिंग में किया जाता है।
इसके बाद, हमने बायोकेमिस्ट्री और कम्पोस्टेबल पॉलिमर्स पर चर्चा की डॉ. इवान व्हाइट के साथ!
बायोसिनेटिक्स लैब, जो कि यूनिवर्सिटी ऑफ जॉर्जिया के न्यू मैटेरियल्स इंस्टीट्यूट का हिस्सा है निदेशक के रूप में, इवान उत्पाद सुरक्षा और बायोडिग्रेडेबिलिटी पर महत्वपूर्ण शोध कर रहे हैं। इस एपिसोड में, वे बताते हैं कि कैसे वे इंडस्ट्री पार्टनर्स के साथ मिलकर कम्पोस्टेबल पॉलिमर आर्किटेक्चर विकसित कर रहे हैं, जो सस्टेनेबल मटेरियल्स को आगे बढ़ाने में मदद कर रहे हैं।
🎧 इस शानदार चर्चा को मिस न करें! बायोपॉलिमर्स, कम्पोस्टेबल प्लास्टिक्स और सस्टेनेबल इनोवेशन की गहराई में उतरने के लिए हमारे साथ जुड़ें!
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🚀♻️ अगले हफ्ते के नए एपिसोड में मिलते हैं!